मैं विनोद कुमार उपाध्याय, लखनऊ से हूँ और माननीय उच्च न्यायालय एलोपैथिक डिस्पेंसरी, लखनऊ में फार्मासिस्ट के रूप में कार्यरत हूँ।

मेरे लिए ग़ज़ल केवल लेखन नहीं, बल्कि जीवन के अनुभवों, रिश्तों, दर्द, मोहब्बत और आत्मचिंतन को व्यक्त करने का माध्यम है।

मैं अपनी रचनाओं को केवल लिखता ही नहीं, बल्कि अपनी आवाज़ में प्रस्तुत कर उन्हें एक जीवंत रूप देने का प्रयास करता हूँ, ताकि श्रोता केवल पढ़ें नहीं, बल्कि महसूस करें।

vkoldsong मेरी इसी रचनात्मक यात्रा का डिजिटल मंच है।